क़िस्सा डायरी से- हरिवंश राय बच्चन


"जिस चीज ने मुझे सबसे अधिक दुखी किया वह थी मेरे प्रति अविश्वास की भावना। यदि मेरे प्रति कहीं भी संदेह था तो मुझे विदेश आने ही नहीं देना था। हालाँकि आँखों के नीचे रहकर भी किसी के मन पर पहरा नहीं दिया जा सकता है।"

जब हरिवंश राय बच्चन कैंब्रिज पढ़ने गए थे तब उन्होंने अपनी 'प्रवास डायरी' लिखी। इस डायरी में इंग्लैंड और कैंब्रिज की विस्तृत चर्चा पढ़ने को मिलती है। लेकिन उन्होंने कहीं-कहीं अपने निजी जीवन के अनुभवों को भी दर्ज किया है। बच्चन साहब की पत्नी कार्य के साथ भारत में अपने बच्चों का पाला-पोषण भी कर रही थीं। लेकिन इन्हें अपने पति हरिवंश राय बच्चन पर हमेशा हमेशा शक बना रहता था। जिससे बच्चन साहब खासकर परेशान रहते थे। उपर्युक्त उद्धरण इसी मनःस्थिति में लिखा गया है।

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